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पंजाब कैबिनेट की बैठक, राज्यपाल को भेजी जाएगी सिफारिश विधानसभा का 2 दिवसीय सत्र बुलाने को


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Lucknow:चंडीगढ़। पंजाब मंत्रिमंडल ने आज राज्य की विधानसभा का 2 दिवसीय विशेष सत्र बुलाने के लिए राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर को अधिकृत किया है। इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने संविधान की 126वें संशोधन की पुष्टि करने का प्रस्ताव लाने और वस्तुएं और सेवाएं एक्ट को कानूनी रूप देने के लिए मंजूरी दे दी है। एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में मंत्रिमंडल ने भारतीय संविधान की धारा 174(1) के अंतर्गत 15वीं विधानसभा का 10वां सत्र 16 और 17 जनवरी, 2020 को बुलाने के लिए राज्यपाल को सिफ़ारिश करने का फ़ैसला किया है। मंत्रिमंडल द्वारा सत्र की शुरुआत का समय भी बदलने का फ़ैसला भी लिया गया। प्रवक्ता ने बताया कि यह सत्र 16 जनवरी को अब प्रात:काल 11 बजे राज्यपाल के भाषण के साथ शुरू होगा जबकि इससे पहले यह समय प्रात:काल 10 बजे निर्धारित था। 17 जनवरी को प्रात:काल 10 बजे दिवंगत शख्सियतों को श्रद्धांजलियां दी जाएंगी और इसके बाद संविधान (126वें संशोधन) बिल-2019 की पुष्टि के लिए प्रस्ताव पेश किया जायेगा। प्रवक्ता ने बताया कि इसी दिन ही प्रस्तावित वैधानिक कामकाज के बाद सदन अनिश्चित समय के लिए उठ जायेगा। 126वें संवैधानिक संशोधन बिल-2019 के द्वारा पंजाब में अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षण 25 जनवरी, 2020 से और 10 सालों के लिए बढ़ जायेगा। यह जि़क्र योग्य है कि 126वां संशोधन बिल लोकसभा द्वारा तारीख़ 10 दिसंबर, 2019 और राज्यसभा द्वारा तारीख़ 12 दिसंबर, 2019 को पास किया गया था। बताने योग्य है कि भारत के संविधान की धारा 334, लोकसभा और विधानसभा में अनुसूचित जातियों/अनुसूचित कबीलों के लिए सीटों का आरक्षण और एंग्लो इंडियन की विशेष नुमायंदगी मुहैया करवाती है। शुरू में यह आरक्षण वर्ष 1960 में ख़त्म हो जाना था परंतु संविधान की 8वें संशोधन के द्वारा यह आरक्षण साल 1970 तक बढ़ा दिया गया था। इसके बाद संविधान के 23वें और 45वें संशोधन के द्वारा आरक्षण क्रमवार 1980 और 1990 तक बढ़ाया गया था। संविधान के 62वें संशोधन के द्वारा आरक्षण साल 2000 तक बढ़ा दिया गया था। इसके उपरांत संविधान की 79वें और 95वें संशोधन के द्वारा आरक्षण क्रमवार 2010 और 2020 तक बढ़ाया गया। आरक्षण और विशेष नुमायंदगी के लिए 95वें संशोधन के द्वारा 10 सालों की गई वृद्धि 25 जनवरी, 2020 को ख़त्म हो जानी है। इसी दौरान मंत्रिमंडल ने पंजाब वस्तुएं और सेवाएं कर (संशोधन) ऑर्डिनेंस-2019 को कानूनी रूप देने के लिए मंजूरी दे दी है जिस सम्बन्धी बिल संविधान की धारा 213 की क्लॉज 2 के अंतर्गत पेश किया जाएगा। यह ऑर्डिनेंस 31 दिसंबर, 2019 को जारी किया गया था। जीएसटी एक्ट-2017 में कुछ संशोधन करने के लिए यह ऑर्डिनेंस लाया गया था जिससे करदाताओं को सुविधा देने के साथ-साथ कारोबार को आसान और प्रोत्साहित किया जा सके। प्रवक्ता ने बताया कि मंत्रिमंडल ने नागरिक उड्डयन विभाग की साल 2018-19 की सालाना प्रशासकीय रिपोर्ट को भी मंजूरी दे दी है।     The post पंजाब कैबिनेट की बैठक, राज्यपाल को भेजी जाएगी सिफारिश विधानसभा का 2 दिवसीय सत्र बुलाने को appeared first on Everyday News.